आज के समय में पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदल चुका है। अब केवल किताबों और कक्षा तक सीमित शिक्षा नहीं रह गई है। ऑनलाइन कक्षाएं, ई-पुस्तकें, वीडियो लेक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों की पढ़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में कंप्यूटर या लैपटॉप की जरूरत पहले से ज्यादा बढ़ गई है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट पास विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क लैपटॉप योजना शुरू की है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी डिजिटल शिक्षा से जुड़ सकें। कई प्रतिभाशाली छात्र केवल इस कारण पीछे रह जाते हैं क्योंकि उनके पास लैपटॉप खरीदने की सुविधा नहीं होती। सरकार चाहती है कि पढ़ाई में मेहनत करने वाले किसी भी छात्र को पैसों की कमी के कारण तकनीक से दूर न रहना पड़े। इससे सभी विद्यार्थियों को समान अवसर मिल सकेंगे।
यह योजना उन छात्रों के लिए है जिन्होंने हाल ही में दसवीं या बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। आवेदन करने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। सामान्य रूप से आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से परीक्षा पास की होनी चाहिए। कई राज्यों में पारिवारिक आय की सीमा और न्यूनतम अंक भी निर्धारित किए जाते हैं, ताकि लाभ वास्तव में जरूरतमंद और योग्य छात्रों तक पहुंचे।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का विशेष महत्व है। वहां अक्सर तकनीकी संसाधनों की कमी रहती है। लैपटॉप मिलने से गांव के छात्र भी ऑनलाइन पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नई तकनीकी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के बीच की डिजिटल दूरी कम होगी।
आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अधिकतर राज्यों में आवेदन ऑनलाइन किया जाता है, जिसमें छात्र को अपनी शैक्षणिक जानकारी और जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होते हैं। आवेदन के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाती है और चयनित छात्रों की सूची जारी की जाती है। इसके बाद लैपटॉप वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
लैपटॉप मिलने के बाद छात्र ऑनलाइन कोर्स, अभ्यास परीक्षा, प्रोजेक्ट कार्य और डिजिटल कौशल सीख सकते हैं। इससे उनके करियर के अवसर बढ़ेंगे और वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। यह योजना शिक्षा के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और नियम राज्य के अनुसार बदल सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या शिक्षा विभाग से नवीनतम जानकारी अवश्य प्राप्त करें।



